हेल्थ वर्कर्स ने मेयर और नगर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा

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Buzzing Chandigarh June 11:(Sandeep) चंडीगढ़: स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों की अनदेखी के चलते नगर निगम मेयर राजेश कालिया और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मियों ने मेयर राजेश कालिया और नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। सोमवार को धरने का कृष्ण कुमार चढढा, प्रधान सफाई करमचारी यूनियन, रंजीत हंस, प्रधान, यु टी एस.एस.फेडरेशन,परदीप सूद , प्रधान फाई करमचारी यूनियन,जीरकपुर,नसीब जाखड ,प्रधान,इंटक ,राकेश कुमार,को -आरडीनेशन कमेटी,अशोक कुमार,प्रधान,आल कांटरैकचुअल करमचारी संघ ने समर्थन किया ।
हेल्थ डिपार्टमेंट वर्कर्स यूनियन और सफाई कर्मचारी संघ चंडीगढ़ के बैनर तले सैंकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों ने नगर निगम आफिस सेक्टर 17 के सामने धरना प्रदर्शन किया। कर्मियों ने उनकी मांगों की अनदेखी और मेयर राजेश कालिया की कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की ।
हेल्थ डिपार्टमेंट वर्कर्स यूनियन के प्रेसिडेंट ऋषि दयाल ने बताया कि चंडीगढ़ नगर निगम के अधीन आते स्वास्थ्य विभागों में हजारों कर्मी कार्यरत है। ये सब लायंस सेक्यूरिटी सर्विसेज के अंतर्गत कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत है। पिछले कुछ समय से लायंस कंपनी द्वारा कर्मियों को परेशान किया जा रहा है। जिसकी शिकायत उन्होंने मेयर राजेश कालिया से भी की थी, लेकिन उन्होंने कर्मियों की शिकायत का निवारण करने की बजाय लायंस कंपनी का साथ दिया। उन्होंने निगम कमिश्नर और निगम आलाधिकारियों से भी इस संबंध में अपनी शिकायत दी, पर वहां भी उनकी सुनवाई नही हुई। जिससे आहत होकर उन्होंने मेयर राजेश कलिया और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोला है। स्वास्थ्य कर्मी पिछले 10 दिन से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है।
सफाई कर्मचारी संघ के प्रेसिडेंट कृष्ण चड्डा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम हमेशा ही कर्मियों के हितों की अनदेखी करता आया है। कर्मियों की मांगों को लेकर प्रशासन और नगर निगम कभी भी सजग नही रहा है। 
वही आल कॉन्ट्रक्चुअल कर्मचारी यूनियन के चेयरमैन विपिन शेरसिंह और प्रेसिडेंट अशोक कुमार ने कहा कि अनुबंधित कर्मचारियों की समस्यायों को हल करवाने और उनकी मांगों को लागू करवाने के लिए उनकी यूनियन सदैव प्रयासरत रही है। स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को लेकर भी उनकी यूनियन हेल्थ डिपार्टमेंट वर्कर्स यूनियन के साथ है। उन्हें इंसाफ मिलने तक ये संघर्ष जारी रहेगा।
हक को लेकर कर्मचारियों की मांगे इस परकार हैं :-
 
*1.  डी.सी कम लेबर कमीशनर के निरदेशानुसार महीने की 7 तारीख तक कंपनी दवारा मासिक सैलरी देना ।
 
*2.अप्रैल 2018 से बढा हुआ डी.सी रेट व कंपनी दवारा साल भर का बकाया ऐरियर देना ।
*3. बेकसूर वरकरों दवारा कंपनी के शोषण की आवाज उठाने पर की गई नाजायज बदलियों को रोकना ।
 
*4.अपने हकों के लिए लड रही लीडरशिप व साथियों का हो रहा शोषण रोकना ।
 
यूनियनों के नेताओं ने कहा हमारी कंपनी से कोई व्यक्तिगत लडाई नहीं है || यह संघर्ष अपने हकों व अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए किया जा रहा है ।

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