मुमुक्षु हिमांशु जैन बने अमन मुनि और मुमुक्षु रजत जैन बने तेजस मुनि

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चंडीगढ़ 16 जनवरी : जैन स्थानक सेक्टर 18 में महाश्रमण श्री सतीश मुनि जी महाराज, शिरोमणि श्री अलोक मुनि जी महाराज, लोक मान्य जैन संत श्री अनुपम मुनि जी महाराज एवं मधुर वक्ता श्री रचित मुनि जी महाराज आदि के सान्निध्य में आज 15 जनवरी दिन बुधवार को दो वैरागियों मुमुक्ष हिमांशु जैन एवं मुमुक्ष रजत जैन का दीक्षा महोत्सव सम्पन हुआ। इस अवसर पर चमत्कारी गुरु प्रेम सुख बगिया एवं श्रमण संघ संत समाज से लगभग 35 साधु-साध्वियां अपना आशीर्वाद देने के लिए चण्डीगढ़ पधारें। इस अवसर पर सभा द्वारा एक शोभा यात्रा का आयोजन किया गया जो प्रात: 8:00 बजे श्री आत्मानंद जैन सभा, सेक्टर 28 से आरम्भ होकर विभिन्न मार्गो से होती हुई जैन स्थानक सेक्टर 18 पहुंची, जहां मुमुक्ष हिमांशु जैन एवं मुमुक्ष रजत जैन ने अपने मन की बात कहकर अपनी राशि वेश त्यागकर संसार वृति को त्यागते हुए महावीर पथ पर अग्रसर होने के लिए  साधु वेश धारण किया और सुबह 11:30 बजे चतुविँध संघ की पावन उपस्थिति में संतो द्वारा उन्हें दीक्षा पाठ सुनाया गया। सभा के प्रचार मन्त्री नीरज जैन ने बताया कि साधु जीवन में प्रवेश करने पर गुरुओं द्वारा मुमुक्षु हिमांशु जैन का नाम अमन मुनि और मुमुक्षु रजत जैन का नाम तेजस मुनि रखा गया। इससे पुर्व दोनों मुमुक्षुओं ने अपने मन के भाव रखे और कहा कि उन्हें भौतिक और संसारिक सुख मिथ्य लगते है तथा धर्म ही ऐसा मार्ग है जहां सच्चे सुख की कामना की जा सकती है।  सभा के प्रधान मुकेश जैन और महासचिव सुरेश जैन ने इस अवसर पर विभिन्न लोगों को सम्मानित किया और महाराज श्रीजी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने चंडीगढ़ जैन समाज को दीक्षा का लाभ दिया। इस पावन अवसर पर विभिन्न प्रांतों से भी बड़ी सँख्या में श्रद्धालु पधारे।

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