भारत-थाइलैंड संबंधों को मजबूत करेगी हिमालय की शांति पद यात्रा

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Buzzing Chandigarh (sonam) चंडीगढ़, 14 जून, : 200 थाई भिक्षुकों की पद यात्रा, जो 25 मई को धर्मशाला से शुरू हुई थी, 26 जून को लेह में संपन्न होगी। वार्षिक पद यात्रा का उद्देश्य विश्व शांति और हिमालयी पर्यावरण संरक्षण के संदेश का प्रसार करना है। मनाली, रोहतांग दर्रा, सरचू मार्ग से की जा रही यह यात्रा अपनी आधी से अधिक मंजिल तय कर चुकी है। पद यात्रा विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और भारत-थाईलैंड संबंधों के लिए अहम मानी जा रही है। 
महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर, लेह-लद्दाख के संस्थापक अध्यक्ष, भिक्खु संघसेना ने बताया, ‘हम एक माह की पद यात्रा और विश्व शांति, महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती व हिमालय की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए सभी का हृदय से स्वागत करते हैं। सम्मेलन महाबोधि लेह में 26 से 28 जून तक चलेगा।
 ‘ सेव द हिमालय फाउंडेशन (चंडीगढ़ चैप्टर) के महासचिव नरविजय यादव ने कहा, ‘भारत के लोग लेह में यात्रा के अंतिम चरण में शामिल हो सकते हैं। सेव द हिमालय फाउंडेशन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक पहल है। इसकी स्थापना 2016 में हिमालय की खोती जा रही भव्यता को बहाल करने और पृथ्वी के इस शानदार हिस्से की भूमि, प्रकृति, संस्कृतियों और मूल्यों की रक्षा के लिए भिक्खू संघसेना द्वारा की गयी थी। ‘  

पदयात्रा मूलत: बोधगया से शुरू हुई और धर्मशाला के रास्ते, यह लद्दाख क्षेत्र में प्रवेश कर गयी, जहां इसका समापन महाबोधि-लेह में होगा। पिछली तीन यात्राओं ने थाईलैंड और भारत के बीच राजनयिक एवं धार्मिक संबंधों को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण, यह दोनों देशों के लिए आपसी समृद्धि और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करेगी। अधिक जानकारी के लिए यात्रा की वेबसाइट मंक्सपीसवाक.कॉम को देखा जा सकता है।

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