चितकारा यूनिवर्सिटी ने कोविड 19 मैनेजमेंट पर आयोजित की ई कांफ्रेस

0
606

चंडीगढ। 2 नवम्बर :चितकारा यूनिवर्सिटी के कालेज आफ फार्मेसी ने मैनेजमेंट आफ एक्यूट रेसिपेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम व  कोविड 19 में कोमार्बेडिटीज व रिलेटेड इनफेक्शन विषय पर ई कांफ्रेस का आयोजन किया। इस मौके पर  प्रिक्लीनिकली व क्लीनिकली टेस्टेड प्रोडक्ट विरूलिना को भी लांच किया गया जो कि कोविड इंफेक्शन के कारण होने वाली एआरडीएस को रोकने के लिए प्रभावशाली दवाई है। ज्ञान के भंडार को बढाने, प्रशिक्षित पेशेवर पैदा करने के उदेश्य को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी के चितकारा कालेज आफ फार्मेसी ने हाल ही में नेशनल साल्यूंशन मुंबई के साथ गठजोड किया है। संयुक्त रूप से आयोजित की गई इस ई-कॉन्फ्रेंस में एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम के मैनेजमेंट के मुद्दों पर विचार किया गया जो कि कोविड 19 से हो रही मौतों के लिए मुख्य कारण के तौर पर उभरकर सामने आया है। इस मौके पर जिस प्रोडक्ट विरूलिना को लांच किया वह चितकारा कालेज आफ फार्मेसी चितकारा यूनिवर्सिटी के टेक्निकल सहयोग से तैयार किया गया  है और नेशनल सांल्यूशंस मुंबई की तरफ से क्लीनिकली वैलिडेटेड प्रोडक्ट हैं।

इस कांफ्रेस में कोविड 19, इपिडिमियोलाजी एंड मोर्बिडीटीज, मैनस्टे क्लीनिकल मैनेजमेंट, सपोर्टिव थेरेपीज व सक्सेज, फार्मास्यूटिकल्स, आल्टरनेटिव थेरेपीज, सर्जिकल इंटरवेंशन  इन  कोमोर्बिडीटिज, वैक्सीन एंड मास वैक्सीन स्टे्रटजी व क्लीनिकल पैथोलाजी अपडेट आदि विषयों पर विचार विमर्श किया गया।  इस मौके पर जाने माने पैनलिस्ट व इंडस्ट्री के लीडर्स शामिल हुए इनमें  डॉक्टर  श्वेता प्रभाकर (हैड- क्लिनिकल क्वालिटी, फोर्टिस मोहाली), डॉ सुरेश अटिली (निदेशक, क्लिंसिंक), डॉ अनिल गर्ग (डीएयूओ, पटियाला (पंजाब)), डॉ महेश के हरजीत (डीन, स्कूल ऑफ आयुर्वेद, डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय), डॉ अनीता शर्मा (एडी मेडिकल पैथोलॉजी फोर्टिस),  एस दीक्षित (सीएमडी, यमसुन ग्लोबल, यूके),  विक्रम बाबूराव (एमडी, फरेक्ससेल, बैंगलोर), एसवीके प्रसाद (एमडी, सीआईटीओ), डॉ इम्तियाज खान (रजिस्ट्रार, यूएमसी), डॉ नितिन गुप्ता (निदेशक, नीलम हॉस्पिटल्स), और डॉ विजय चेननामचेती (सीनियर पल्मोनरी कंसल्टेंट , अपोलो हैदराबाद) आदि शामिल थे।

इन पैनलिस्ट्स ने एआरडीएस व कोविड से जुडी हुई मोर्बिडीटीज  के प्रभावशाली मैनेजमेंट व डायगोनिस्टिक, थेरेपेयूटिक, क्रिटीकल केयर, रेसपीरिटी सपोर्ट, एडजंट पैलियेटिव, आयुष को लेकर नवीनतम शोध निष्कर्षों को साझा किया।  सत्रों की अध्यक्षता और प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं ने की। इनमे डॉ अनिल शर्मा (एमडी, नेचुरल सांल्युशंस,  ज्वाइंट कनवीनर), डॉ संदीप अरोड़ा (डीन, चितकारा कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी कनवीनर),  डॉ ठाकुर गुरजीत सिंह (एडी फार्म डी प्रि क्लीनिकली साइंटिस्ट), डॉ सुखबीर सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर), और डॉक्टर नीलम शर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर, चितकारा कॉलेज ऑफ फार्मेसी) आदि शामिल थे।

डॉ अनिल शर्मा (एमडी, नेचुरल सॉल्यूशंस) ने उत्पाद को पेश करते हुए कहा कि, “विरुलिना एक पॉलीहर्बल कांबीनेशन हैं। यह एक शक्तिशाली इम्युन स्टीमुलेटेंट हैं जो कि क्लीनिकल टेस्टेड हैं। इस पर किए गए अध्ययनों के अनुसार, यह चिकित्सकीय रूप से सिद्ध हो चुका है कि यह कोविड 19 संक्रमण के कारण होने वाले एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम जैसे जानलेवा लक्षणों की रोकथाम में मदद करता है।

इस कार्यक्रम  की अध्यक्षता  प्रो चांसलर, चितकारा यूनिवर्सिटी डॉ मधु चितकारा  ने की। कांफ्रेस का उद्घाटन करते हुए डाक्टर मधु चितकारा ने नेचुरल सॉल्यूशंस (मुंबई), और चितकारा कॉलेज ऑफ फार्मेसी की टीम को बधाई दी और कहा कि ई-कॉन्फ्रेंस और नेचुरल सॉल्यूशंस के तकनीकी सहयोग से कोविड 19 के मरीजों के लिए दवा  विकसित करना इस बात का प्रमाण है कि चितकारा यूनिवर्सिटी हमेशा मानवता की सेवा के लिए सहयोग और ज्ञान के सृजन के उद्देश्य के लिए खडी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here